मुख्य समाचार: सरायकेला-खरसावां में छह माह से सम्मान राशि के इंतजार में झारखंड आंदोलनकारी, डीसी से की मुलाकात

सरायकेला-खरसावां जिले में रहने वाले झारखंड आंदोलनकारियों को पिछले आधा साल (छह महीने) से उनकी सरकारी सम्मान राशि नहीं मिल पाई है। इस लंबित भुगतान को लेकर आंदोलनकारियों में काफी नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने जिले के उपायुक्त (डीसी) नीतीश कुमार सिंह से भेंट की और हर महीने नियमित रूप से इस राशि को जारी करने की मांग की। आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि यदि एक हफ्ते के भीतर उनके बकाए का भुगतान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे।
संयोजक ने क्या कहा?
इस मामले को लेकर झारखंड आंदोलनकारी मंच के जिला संयोजक धनपति सरदार ने बताया कि सूबे के अन्य सभी जिलों में आंदोलनकारियों को मिलने वाली सम्मान राशि का भुगतान तय समय पर नियमित रूप से किया जा रहा है। इसके उलट, केवल सरायकेला-खरसावां जिले में ही पिछले छह महीनों से यह राशि रोकी गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले मई महीने में भी मंच की तरफ से हस्ताक्षर युक्त एक मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया था, जिसमें भुगतान करने की अपील की गई थी। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
भुगतान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
संयोजक धनपति सरदार ने स्थानीय प्रशासन से बिना किसी देरी के आंदोलनकारियों की रुकी हुई राशि का भुगतान करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर उन्हें उनकी सम्मान राशि नहीं मिलती है, तो जिले के तमाम आंदोलनकारी एक बार फिर विरोध का रास्ता अपनाएंगे और जिला मुख्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।
कई लोग रहे मौजूद
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से लाभो महतो, सारथी मुर्मु, सुखलाल हेंब्रम, वीरेंद्र पाडेया, राजकिशोर लोहरा, पुलक सतपथी, हरिचरण पाडेया, वनमाली कुदादा, सुकलाल ईचागुटु और जन्मजय मांझी समेत भारी संख्या में अन्य आंदोलनकारी उपस्थित थे।


