झारखंड मौसम: रांची सहित 10 जिलों में 18 जुलाई को बारिश-वज्रपात की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

खाड़ी की बंगाल में बने कम दबाव (निम्न दबाव) के क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बादलों के गरजने, आकाशीय बिजली गिरने और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, बीते गुरुवार को सूबे में सबसे ज्यादा वर्षा सिमडेगा जिले में रिकॉर्ड की गई, जहाँ 42 मिलीमीटर पानी बरसा। इसके अलावा मेदिनीनगर में 21 मिमी, जमशेदपुर में 8.3 मिमी, रामगढ़ में 6 मिमी और लोहरदगा में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
17-18 जुलाई को इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम पूर्वानुमान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, 17 जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में आकाशीय बिजली चमकने के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि सूबे के शेष हिस्सों में अमूमन बादल छाए रहने व छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
वहीं, 18 जुलाई को मौसम का रुख अधिक कड़ा हो सकता है। इस दिन राजधानी रांची समेत लातेहार, चतरा, गुमला, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और लोहरदगा जैसे 10 जिलों में तेज गर्जना, वज्रपात और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसे ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसके साथ ही वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी 20 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ वज्रपात का जोखिम बना रहेगा।
रांची का तापमान 31.4 डिग्री रहा
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते गुरुवार को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन (बुधवार) की तुलना में 0.8 डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं, यहाँ का न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
इसके विपरीत, मेदिनीनगर के अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री की मामूली गिरावट देखी गई और यह 34.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जहाँ का न्यूनतम पारा 24.7 डिग्री सेल्सियस रहा। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर के अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटों के भीतर 2.8 डिग्री सेल्सियस की बड़ी कमी दर्ज की गई, जिससे यहाँ का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
झारखंड में 41 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मानसून सीजन के दौरान झारखंड में बारिश का कोटा अब तक काफी पीछे चल रहा है। 1 जून से लेकर 16 जुलाई 2026 तक की अवधि में राज्य में अमूमन 348.9 मिलीमीटर सामान्य वर्षापात होना चाहिए था। इसके मुकाबले वर्तमान में मात्र 207.1 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की जा सकी है, जो कि सामान्य औसत से लगभग 41 फीसदी कम है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में होने वाली भारी बारिश से इस कमी की कुछ हद तक भरपाई होने की उम्मीद है।
