मरीजों की आवाज उठाना मेरा दायित्व, दबाव से जनसेवा नहीं रुकेगी : मनोज चौधरी

सरायकेला-खरसावां, 21 अगस्त 2026 शुक्रवार (भाग्य सागर)
सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि मैं एक जन प्रतिनिधि हूं। मेरे क्षेत्र ही नहीं, जिले के दूर-दराज के गरीब एवं ग्रामीण मरीजों को यदि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल में समुचित इलाज नहीं मिलता या लापरवाही होती है, तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से लेकर आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री तक करना मेरा दायित्व है।
उन्होंने कहा कि मरीजों एवं परिजनों की शिकायत मिलने के बाद ही वे अस्पताल पहुंचते हैं और वस्तु स्थिति जानने के बाद संबंधित चिकित्सक या कर्मचारी को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने को कहते हैं। इसे धमकी, दुर्व्यवहार अथवा जातिसूचक टिप्पणी से जोड़ना निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण है।
सदर अस्पताल में कभी एम्बुलेंस नहीं मिलने, कभी रोस्टर के अनुसार डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहने तथा मरीजों को अधिक संख्या में रेफर करने की शिकायतें मिलती रही हैं। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस के अभाव में निजी वाहनों से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है। आपातकालीन सेवा में डॉक्टर का 30-40 मिनट अनुपस्थित रहना गंभीर चिंता का विषय है।
चौधरी ने कहा कि 18 अगस्त की सुबह के घटनाक्रम की CCTV फुटेज, ड्यूटी रोस्टर एवं चिकित्सक की उपस्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करा रही है। हमारा प्रयास है कि इन सुविधाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
“इस प्रकार के पत्रों और मनगढ़ंत आरोपों से जनप्रतिनिधि की आवाज दबाई नहीं जा सकती। पूरे मामले को सरकार, पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं नेतृत्व के समक्ष रखेंगे और आवश्यकता पड़ी तो जनता के बीच जाएंगे। जनता की अदालत तय करेगी कि मरीजों की आवाज उठाना गलत है या लापरवाही पर सवाल उठाने वाले को चुप कराना।”


