सरायकेला-खरसावाँ : विद्यालयों में कम छात्र उपस्थिति पर होगी कार्रवाई, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन

मासिक समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था सुधार पर सख्त निर्देश, विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर
सरायकेला-खरसवाँ : 23 जुलाई, जिले समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उपायुक्त ने शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि अनावश्यक अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं प्रखंड स्तरीय क्षेत्रीय पदाधिकारी उत्तरदायी होंगे। जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति लगातार कम पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर वेतन निकासी पर भी रोक लगाई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसके सतत अनुश्रवण के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। जून माह की समीक्षा में निर्धारित मानकों के अनुरूप उपस्थिति दर्ज नहीं कराने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार वेतन कटौती करने तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ), बीआरपी, सीआरपी एवं अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, खेल सामग्री तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। निर्धारित अवधि में विद्यालयों का निरीक्षण नहीं करने वाले बीआरपी एवं सीआरपी के विरुद्ध वेतन कटौती की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में पीएम श्री विद्यालयों के लिए प्राप्त आवंटन एवं क्रय की गई सामग्रियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सामग्री की गुणवत्ता की जांच एवं विद्यालय में प्राप्ति सुनिश्चित होने के बाद ही संबंधित एजेंसी को भुगतान किया जाए।
उन्होंने शेष विद्यार्थियों के जन्म प्रमाण-पत्र, आधार पंजीकरण तथा बैंक खाते प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि सभी पात्र विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
उपायुक्त ने विद्यालयों में खेल-आधारित शिक्षण पद्धति को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन, स्वच्छता, शिष्टाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जीवन कौशल विकसित करने संबंधी गतिविधियों के नियमित संचालन पर भी बल दिया।
बैठक के दौरान विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, खेल सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छ एवं सुरक्षित शिक्षण वातावरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी तत्काल उसका निराकरण करें।
समीक्षा के दौरान बिना वैध कारण बैठक से अनुपस्थित रहने वाले तथा कार्यों की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं आवश्यकतानुसार वेतन निकासी पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीआरपी, सीआरपी, बीपीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
Source : IPRd, Seraikela kharsawan.
