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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

इंजीनियरिंग के बाद टाटा स्टील में लगी पहली नौकरी, फिर ऐसे बदली अरविंद केजरीवाल की जिंदगी

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट स्थान है। हालाँकि, राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में कदम रखने से पहले उनके जीवन की एक अनकही कहानी झारखंड के जमशेदपुर शहर से जुड़ी हुई है। बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत देश के प्रतिष्ठित टाटा समूह की कंपनी ‘टाटा स्टील’ से की थी।

आईआईटी खड़गपुर से की मैकेनिकल इंजीनियरिंग

अरविंद केजरीवाल का शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक (B.Tech) की डिग्री हासिल की। अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के तुरंत बाद उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में कदम रखा और उनका चयन टाटा स्टील में हुआ। वर्ष 1989 में वे कंपनी से जुड़े और उन्हें जमशेदपुर में पदस्थापित किया गया।

ग्रेजुएट ट्रेनी के रूप में शुरू किया करियर

जमशेदपुर पहुँचकर उन्होंने टाटा स्टील में एक ‘ग्रेजुएट ट्रेनी’ के रूप में अपने पेशेवर सफर का आगाज किया। उस समय वे राजनीति से पूरी तरह दूर एक आम युवा इंजीनियर की भूमिका निभा रहे थे। जमशेदपुर प्रवास के दौरान वे टाटा स्टील के ग्रेजुएट ट्रेनी हॉस्टल में रहा करते थे।

स्टील सिटी के नाम से मशहूर जमशेदपुर में काम करते हुए उन्हें भारत के इस प्रमुख औद्योगिक शहर की कार्यसंस्कृति और जनजीवन को करीब से समझने का अवसर मिला।

करीब तीन साल बाद छोड़ दी Tata Steel की नौकरी

टाटा स्टील में लगभग तीन वर्षों तक अपनी सेवा देने के बाद, अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 1992 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नौकरी छोड़ने का उनका मुख्य उद्देश्य सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करना था। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण की और आयकर विभाग में वरिष्ठ अधिकारी बने।

बाद में, वे सामाजिक सुधारों और नागरिक आंदोलनों से सक्रिय रूप से जुड़े। अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इसके बाद वर्ष 2012 में उन्होंने ‘आम आदमी पार्टी’ की स्थापना कर मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश किया।

जमशेदपुर से दिल्ली तक का सफर

वर्तमान में अरविंद केजरीवाल की पहचान देश के अग्रिम पंक्ति के राजनेताओं में होती है। लेकिन उनके इस मुकाम तक पहुँचने की राह में जमशेदपुर का एक महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आईआईटी से निकला एक होनहार इंजीनियर, फिर टाटा स्टील का ग्रेजुएट ट्रेनी, उसके बाद आईआरएस अफसर और अंततः दिल्ली का मुख्यमंत्री—उनका यह सफर काफी प्रेरणादायक रहा है।

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