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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

गढ़वा: जनता दरबार की शिकायत पर नगर ऊंटारी वृद्धाश्रम में औचक निरीक्षण

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट गढ़वा जिले के उपायुक्त (डीसी) अनन्य मित्तल के दिशा-निर्देश पर स्थानीय जिला प्रशासन ने बुजुर्गों के कल्याण और सुरक्षा को लेकर एक त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई की है। हाल ही में आयोजित जनता दरबार में प्राप्त हुई एक शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए, उपायुक्त के आदेश पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) अर्चना सिन्हा ने गुरुवार की देर शाम नगर ऊंटारी में एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया।

अहम निर्देश दिए इस अचानक हुई प्रशासनिक जांच से आश्रम के प्रबंधन तंत्र में हड़कंप मच गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी ने बुजुर्गों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रबंधन को एक नया ‘दैनिक दिनचर्या चार्ट’ लागू करने और सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने के सख्त निर्देश दिए।

तय समय के अनुसार चलेगी पूरी दिनचर्या वृद्धाश्रम की कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और बुजुर्गों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने संचालक को एक विस्तृत समय-सारणी (रूटीन) तैयार करने का आदेश दिया। इस चार्ट को आश्रम की दीवार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के तहत बुजुर्गों के दिन की शुरुआत सुबह 5:30 बजे योग, ध्यान और हल्के शारीरिक व्यायाम के साथ होगी। इसके अलावा चाय-नाश्ता, पौष्टिक भोजन, दोपहर में विश्राम और शाम के समय मनोरंजन के लिए भी समय पूर्व-निर्धारित रहेगा। बुजुर्गों के स्वास्थ्य और पर्याप्त नींद को देखते हुए रात 9:00 बजे तक अनिवार्य रूप से लाइटें बंद कर आराम करने का नियम बनाया गया है, ताकि वे अकेलेपन से दूर रहकर स्वस्थ जीवन जी सकें।

सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान आश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने परिसर में तत्काल प्रभाव से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, आश्रय गृह के भवन की स्थिति को सुधारने के लिए जहां भी टूट-फूट या मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तुरंत रिपेयरिंग और पेंटिंग का काम शुरू करने को कहा गया है, जिससे बुजुर्गों को एक सुरक्षित और सुखद वातावरण मिल सके।

बुजुर्गों से की गई वन-टू-वन बातचीत निरीक्षण के समय इस आश्रय गृह में कुल 6 बुजुर्ग आवासित पाए गए, जिनमें 2 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। डीएसडब्ल्यूओ अर्चना सिन्हा ने किसी भी औपचारिक दूरी को हटाकर सभी बुजुर्गों के समीप बैठकर उनसे बेहद आत्मीयता के साथ ‘वन-टू-वन’ संवाद किया। जब अधिकारियों ने उनसे खान-पान, रहन-सहन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में पूछा, तो बुजुर्गों ने वर्तमान व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उन्हें समय पर भोजन, दवाइयां और उचित आदर-सम्मान मिल रहा है और उन्हें प्रबंधन से कोई शिकायत नहीं है।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने क्या कहा? इस औचक जांच के संबंध में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा ने बताया कि उपायुक्त के आदेशानुसार यह निरीक्षण किया गया था। यह संतोषजनक है कि सभी आवासित बुजुर्ग दी जा रही सुविधाओं से खुश हैं। फिर भी, उनकी सुरक्षा और जीवनशैली को और बेहतर करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा रूटीन चार्ट का पालन करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन बुजुर्गों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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