सरायकेला : एनएच 33 पर पलट कर बालू लदा हाइवा ने खुली विभाग का पोल, भयंकर हादसा टला…

SEARAIKELLA : टाटा-रांची एनएच 33 मुख्य मार्ग में स्थित चौका ओवरब्रिज पर बुधवार सुबह करीब 4 बजे बालू से लदा एक हाइवा पलट गई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बालू से लदा एक तेज़ रफ्तार हाइवा और एक कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई।
इसकी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर चौका थाना पुलिस पहुंचकर इस हादसे में कार में सवार एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया एवं अन्य पाँच लोग सवार सभी लोगों को हल्की सी चोट आई जिसे देखकर पुलिस सभी को तत्काल बेहतर ईलाज हेतु जमशेदपुर भेज दिया तथा दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को जब्त कर लिया।
वहीं हाइवा चालक भी किसी बड़ी अनहोनी से सुरक्षित बच निकलकर हाइवा को छोड़कर मौके से फरार हो गया। बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त कार सवार जमशेदपुर से रामगढ़ की ओर जा रहा था।

एनएच 33 पर वन वे की आवाजाही और हाइवा की तेज़ रफ्तार बना हादसे का कारण
चौका ओवरब्रिज पर हुए इस हादसे में बालू से लदा हाइवा टक्कर के बाद तेज रफ्तार के कारण फोरलेन सड़क के बीच जाकर डिवाइडर पर पलट गया। जिससे हाइवा में लदा बालू पूरी तरह से सड़क पर बिखर गया एवं जोरदार टक्कर के कारण कार का दाहिना हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया । हादसे की तीव्रता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाइवा का एक अगला चक्का अलग होकर सड़क पार करते हुए एक मकान तक जा पहुंचा।
जहाँ स्थानीय लोगों से पूछे जाने पर बताया कि हाइवा अत्यधिक तेज़ गति में था जो असंतुलन होने पर यह घटना घटी। टक्कर के बाद हाइवा ने सड़क पर लगे एक स्ट्रीट लाइट पोल को भी उखाड़ दिया, जिससे रात को सड़क की रोशनी प्रभावित हुई। गौर करने वाली बात तो यह है कि हाइवा पर कोई नंबर प्लेट ही नहीं था। दुर्घटना में हाइवा का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। दुर्घटनाग्रस्त हाइवा में लदे बालू वैध या अवैध था या ड्राइविंग लाइसेंसधारी हाइवा चालक था या नहीं वह प्रशासनिक जाँच के बाद ही पता चल पाएगा।

ईचागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से होकर भी गुजरती है दिन रात बालू अवैध ट्रैक्टर
वहीं बतादें की चाण्डिल अनुमण्डल क्षेत्र की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईचागढ़ से होकर दिन रात बालू से लदा अवैध ट्रैक्टर एवं हाइवा गुजरती है। जहाँ स्थानीयों से पूछे जाने पर अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त में बताया कि यह अवैध रूप से बालू ढुलाई होते हुए भी कोई पदाधिकारी ने अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की हैं। जो कि इससे उड़ती धूल के कारण स्वास्थ्य केंद्र की प्रसव गृह पर गर्भवती महिला तथा नवजात के लिए बहुत ही कष्टकर होता है। वहीं बता दूं कि अवैध खनन की रोकथाम के लिए ईचागढ़ अंचल अधिकारी को टास्क फोर्स में नियुक्त किया गया लेकिन अब तक यह अवैध बालू ढुलाई के विरुद्ध कार्रवाई न होना बहुत ही अफसोसजनक है। जिसका एक जीता जागता उदाहरण चौका ओवरब्रिज में आज बालू से लदा हाइवा की दुर्घटना देखने को मिला।
