CHANDIL : सबर समुदाय की रैयती भूमि पर कथित अतिक्रमण का आरोप, निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी…

. बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)
कोल्हान/जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के हुरलुंग पंचायत अंतर्गत मौजा लुपुगड़ीह स्थित सबर टोला में आदिम जनजाति समुदाय के नेता सुकलाल पहाड़िया ने सबर परिवारों से मुलाकात कर उनकी भूमि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं अन्य मूलभूत समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी रैयती भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा करने अथवा कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि जिन रैयती जमीनों पर वर्षों से उनका वैधानिक अधिकार है, उन पर बाहरी लोगों के संरक्षण में गांव के कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा कब्जा कराने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो सबर समुदाय अपने पुश्तैनी भूमि अधिकारों से वंचित हो सकता है।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि सबर समुदाय पहले से ही विकास की मुख्यधारा से पीछे है। ऐसे में यदि उनकी पुश्तैनी एवं रैयती भूमि पर कथित अतिक्रमण का प्रयास हो रहा है, तो यह उनके अस्तित्व, आजीविका और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा सबर परिवारों की भूमि हड़पने की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर पीढ़ियों से सबर परिवार खेती और निवास करते आए हैं, उन्हें कथित रूप से उनसे छीनने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार यह केवल भूमि विवाद का मामला नहीं, बल्कि आदिम जनजाति के अधिकारों से जुड़ा गंभीर प्रश्न है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
सुकलाल पहाड़िया ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा या कब्जे के प्रयास की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए वास्तविक रैयतों को उनका अधिकार दिलाया जाए। साथ ही भविष्य में आदिम जनजातियों की भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध हस्तांतरण अथवा अतिक्रमण पर प्रभावी रोक सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है, तो ग्राम सभाओं, आदिवासी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन जल, जंगल, जमीन तथा आदिम जनजाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से होगा।
बैठक के दौरान सबर परिवारों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, राशन, रोजगार तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। इस पर सुकलाल पहाड़िया ने आश्वासन दिया कि इन सभी मुद्दों को संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन के समक्ष प्राथमिकता से उठाया जाएगा।
बैठक में समाजसेवी गुरुचरण कर्मकार, गुरुदेव सबर, विराज सबर, गंगामुनी सबर, सावित्री सबर, संजय सबर, सुनील सबर, सुशील सबर, माधुरी सबर, छतर पहाड़िया सहित बड़ी संख्या में सबर समुदाय के महिला-पुरुष एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में भूमि अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक विकास तथा समुदाय के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की गई।
(नोट: इस समाचार में भूमि पर कथित अवैध कब्जे से संबंधित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है तथा प्रशासन की आधिकारिक जांच या प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।)
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